नए साल की शुभकामनाएँ
Post Date: 2024-12-17 23:20:41 | Last Updated: 2026-04-20 12:19:26
Category: Sarkari Anjaam | Subcategory: Shayari
नया
वर्ष – एक नई सुबह
अब न शोर शराबा बाकी है,
न रोशनी का जादू है,
थके कंधों पर रात पड़ी है,
सब कुछ जैसे साधू है।
बीती दावत, ठंडी मेज़ें,
फीका पड़ा सा ये शहर,
आँखों में बस धुंधलाहट है,
कल जैसा न आज का पहर।
नव वर्ष की शुभ कामनाएँ,
नव वर्ष की शुभ कामनाएँ,
किसी सवेरे हम भी देखें
धरती पर शान्ति की छाएँ।
नव वर्ष की शुभ कामनाएँ,
नव वर्ष की शुभ कामनाएँ,
हममें इतनी ताक़त जागे
सच को सच कहने की आएँ।
कभी-कभी लगता है जैसे
एक नई दुनिया जन्म ले,
राख पुरानी ख़्वाहिशों की
मिट्टी बनकर बीज जमे।
इंसान अक्सर धोखा खाकर
फिर भी खुद से झूठ कहे,
मिट्टी के से पाँव लिए वो
पत्थर जैसा मज़बूत रहे।
नव वर्ष की शुभ कामनाएँ,
नव वर्ष की शुभ कामनाएँ,
हर दिल में ये जिद़ तो जागे
न्याय का दीपक जल पाएँ।
नव वर्ष की शुभ कामनाएँ,
नव वर्ष की शुभ कामनाएँ,
वरना थककर, हार मानकर
यूं ही जीते जी मर जाएँ।
लगता है कुछ सपने टूटे,
फर्श पे बिखरी रंगत हैं,
साल गया एक और गुज़र
बस यादों की कतरनें हैं।
कल की ओर जो रेखा बढ़ती,
किस मोड़ पे ले जाएगी,
आने वाले दस वर्षों में
किस किस्म की सुबह आएगी?
नव वर्ष की शुभ कामनाएँ,
नव वर्ष की शुभ कामनाएँ,
एक ज़माना आए जहाँ पर
हर इंसाँ इंसाँ कहलाए।
नव वर्ष की शुभ कामनाएँ,
नव वर्ष की शुभ कामनाएँ,
राह कठिन हो, फिर भी हम
उम्मीदों के दीप जलाएँ।